डिजिटल ब्यूरो, नई दिल्ली
Updated Fri, 04 May 2018 09:06 AM IST
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मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के खिलाफ उठ रही विरोध की लहर को शांत करने के लिए बीजेपी का कोर ग्रुप भोपाल जाने वाला है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक यह कोर ग्रुप चार दिनों तक राज्य में जल्दी चुनावों की रणनीति तय करने का खाका तैयार करेगा। साथ ही, कोर ग्रुप उन चुनौतियों का भी आंकलन करेगा, जिनका पार्टी पिछले कुछ समय से सामना कर रही है। साथ ही कमजोर मोर्चों पर रणनीति बनाने पर भी चर्चा भी करेंगे।
बीजेपी अध्यक्ष इस विशेष मंथन शिविर से निकले सुझावों की समीक्षा भी करेंगे और उपचुनावों में मिली हार के कारणों पर भी मंथन करेंगे। इसके अलावा शाह बीजेपी के तमाम पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ भी बैठक करेंगे। बैठक में करीब 3000 कार्यकर्ताओं के साथ पार्टी के करीब 58 जिलाध्यक्ष और 800 से ज्यादा मंडल अध्यक्षों के शामिल होने की उम्मीद है।
सूत्रों के मुताबिक कोर ग्रुप के साथ इस बैठक में पार्टी अध्यक्ष अमित शाह के अलावा मुख्यमंत्री, नवनिर्वाचित राज्य प्रभारी राकेश सिंह, पार्टी इन-चार्ज विनय सहस्रबुद्धे, पूर्व राज्य प्रभारी और राज्य सभा सांसद प्रभात झा के भी शामिल होने की उम्मीद है।
गौरतलब है कि हाल ही में कांग्रेस ने भी राज्य में चुनावी गतिविधियां तेज कर दी हैं। राज्य के दो क्षत्रपों दिग्विजय सिंह और ज्योतिरादित्य सिंधिया के बावजूद वरिष्ठ नेता कमल नाथ को राज्य प्रभारी बनाया गया है। इन बदलावों से बीजेपी में यह संदेश गया है कि कांग्रेस पार्टी में पूरी एकजुटता है और पूरी तरह से वह चुनावी रणनीति बनाने में जुटी हुई है। सूत्रों के मुताबिक बीजेपी को कहीं न कहीं अंदेशा है कि 15 साल पुराने शासन के खिलाफ विरोध के स्वर उठ सकते हैं। दिग्विजय सिंह पहले ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं को एकजुट करने के लिए राज्य के कोने-कोने का दौरा कर रहे हैं।
4 दिनों तक होने वाली इस कोर ग्रुप की मीटिंग में बीजेपी नेता वरिष्ठ आरएसएस सहयोगियों के साथ भी आगामी चुनावी रणनीति पर गहन विचार-विमर्श करेंगे। पार्टी की कोशिश है कि चुनावों की अधिसूचना जारी होने से पहले ही राज्य में चुनावी तैयारियां पूरी कर ली जाएं। गौरतलब है कि इस साल के आखिर तक बीजेपी शासित मध्य प्रदेश के अलावा राजस्थान और छत्तीसगढ़ में भी चुनाव होने हैं।
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